आखिर क्यों नौकरी के लिए दर-दर भटक रहा है युवा ?

आखिर क्यों नौकरी के लिए दर-दर भटक रहा है युवा ?

आखिर क्यों नौकरी के लिए दर-दर भटक रहा है युवा ?

सरकार नौकरी देने का करती है वादा फिर भी क्यों बेरोजगार है युवा ?

सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद साल 2018 में देश में बेरोजगारी दर घटने के बजाय बढ़ती ही चली जा रही है। मौजूदा साल में यह 3.5 फीसदी रहने का अनुमान लगाया जा रहा है | अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक संगठन (I.L.O) की ताजा रिपोर्ट 'वर्ल्‍ड एम्प्लॉयमेंट ऐंड सोशल आउटलुक- ट्रेंड्स 2018' जारी की गई, जिसमें  बताया गया है कि देश में बेरोजगारी दर साल 2018 और 2019 में 3.5 फीसदी रहेगी । साल 2017 और 2016 में भी बेरोजगारी की यही स्थिति देखी गई थी ।

युवा एवं शिक्षित वर्गों की समस्या दिन प्रति दिन और भी जटिल होती जा रही है । सरकार की तमाम नीतियाँ एवं उनके कार्य आज के युग में इस जटिल समस्या के लिए काफी नहीं है | युवा वर्ग आज सरकार के सामने धरना प्रदर्शन और विरोध प्रदर्शन करने से भी सरकार इस आक्रोश का सिर्फ दमन ही करना चाहती है, बल्कि उसका निवारण नहीं | आज का युवा वर्ग सरकार से गुहार लगाते-लगाते थक गया है कि अब उसे अपने हक़ के लिए लड़ना ही एक मात्र रास्ता नज़र आ रहा है |

क्या नौकरी के नाम पर अब पकौड़े बेचेगा युवा ?

"सरकारी कर्मचारी चयन आयोग" (SSC) के द्वारा की गयी नाइंसाफी ने युवा वर्ग को एक प्लेटफार्म पर ला कर खड़ा कर दिया | वहीं सरकारी नौकरियों को हासिल करने के लिए युवा वर्ग जीवन के हर कष्ट को सहने के लिए प्रयास करता है, लेकिन नौकरीयाँ उनसे कोसों दूर है | बेरोजगारी के आकड़े किसी से छुपे नहीं है | हर घर में युवा और शिक्षित वर्ग इस संक्रामण से जूझ रहा है | इन समस्याओं से विश्व के हर देश ग्रसित है, लेकिन उसने युवा वर्ग के लिए ऐसे स्कीम चला रहा है कि वह अपना जीवन यापन करने में सक्षम हो सकें, तो भारत देश में इतने युवा क्यों त्राहि-त्राहि कर रहे हैं और बेरोजगारी का शिकार भी है ?

 

 

 

 

कारण -

मशीनों का प्रयोग आज देश में बेरोजगारी का मुख्य कारण बन चुका है | देश की तरक्की के लिए जिन मशीनों को लाया जाता है, उससे काम तो तेजी से होता है, पंरतु इनसे श्रम की आवश्यकता खत्म हो जाती है। जिससे एक चंद मशीनों के इस्तेमाल से सैकड़ों लोग बेरोजगार हो जाते हैं । वहीं दूसरी ओर देश की शिक्षा नीति पर बात की जाए, तो ग्रामीण इलाकों में आज भी हजारों लोग स्कूल नहीं जा पाते हैं, जबकि तकनीक कोर्स करने वाले छात्रों को भी मात्र किताबी ज्ञान ही दिया जाता है । उद्योग में किए जाने वाले काम की उन बच्चों को कुछ भी समझ नहीं होती है । इसके अलावा देश में बढ़ती जनसंख्या के अनुपात में सरकार रोजगार के उतने अवसर नहीं ला पाती है, जिससे हर शिक्षित और अशिक्षित व्यक्ति को अपना जीवन यापन करने के लिए रोजगार मिल सकें ।

 

सरकार की नीतियां -

महात्मा गांधीराष्ट्रीय ग्रामीणरोजगार गारंटीयोजना, राष्ट्रीय ग्रामीणआजीविका मिशन, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना , जैसे नये व्यवसाय स्टार्टअप  योजनाएं भी महत्पूर्ण है |

विकास योजना, डिजिटल इंडिया प्रोग्राम और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन कुछ ऐसी योजनाएं है, जिनके जरिये सरकार लोगों को बेहतर जीवन और रोजगार प्रदान करने का प्रयास कर रही है, लेकिन यदि इन योजनाओं के आकड़ों और तेजी से बढ़ती देश की मौजूदा बेरोजगारी की स्थिति पर नजर डालें तो, पता चलता है कि इस तरह से कई सालों बाद भी इस समस्या को सुलझा नहीं पाएगा । सरकार को न सिर्फ समस्या को कम करने पर विचार करना चाहिए बल्कि बेरोजगारी की बढ़ती दर पर भी रोक लगाने के लिए तुरंत कार्य करना होगा ।

 

सुझाव और उपसंहार -

भारत में कई ऐसी समस्याएं हैं, जिनको दूर करके हम अपने देश से बेरोजगारी के बढ़ते स्तर को कम कर सकते हैं । सबसे पहले हमें अपने देश में तकनीकी शिक्षा पर जोर देना होगा । तकनीकी शिक्षा हर बच्चें को बचपन से ही दी जानी चाहिए, इससे बच्चा पारंपरिक शिक्षा की तुलना में किसी भी क्षेत्र में काम करने के काबिल बन सकेगा । इस बात का जीता जागता उदाहरण अन्य देश है जैसे - इंग्लैंड, अमेरिका, चीन व जापान जैसे देशों में प्रोफेशनल व वोकेशनल कोर्सों को अहमियत दी जाती है ।

इसके अलावा सरकार को ऐसी नीति बनानी होगी, जिससे बेरोजगार के बढ़ते स्तर को कम किया जा सकें । इसके लिए जनसंख्या की वृद्धि दर को कम करने पर जोर देना चाहिए । साथ ही युवाओं को नौकरी करने की अपेक्षा खुद का कोई व्यवसाय करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए । इसके लिए युवाओं को पैसा दिया जाना चाहिए, साथ ही व्यवसाय के लिए दिए जाने वाला पैसे की प्रक्रिया आसान होनी चाहिए, जिससे हर युवा इन पैसों से अपना व्यवसाय शुरूकर सकें ।

सरकार को नए उद्योगों को खोलने पर भी जोर देना चाहिए, ताकि सरकारी ही नहीं प्राइवेट क्षेत्र में भी युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकें । इसके अलावा सरकार को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए इतना तो अवश्य करना चाहिए कि हर युवा को अपनी योग्यता के अनुसार नौकरी व अन्य रोजगार मिल सकें।

 

Author /लेखिका :  Shikha Shree/  शिखा श्री

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