
संस्थापक
भरत कात्यायन
राष्ट्रीय संस्थापक अध्यक्ष
जन्म: 4 सितंबर 1993, लखनऊ (उत्तर प्रदेश)
"भारत का नेतृत्व साफ़ पदचिन्हों से करें — पीछे कोई कीचड़ न छूटे।"
"Lead India with clear footprints and leave no mud behind."
भरत कात्यायन का जन्म लखनऊ में प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आचार्य इंदु प्रकाश और महिला उद्यमी एवं समाजसेविका डॉ. स्मिता मिश्रा के घर हुआ। संत फ्रांसिस स्कूल (लखनऊ), दिल्ली पब्लिक स्कूल (गुड़गांव) और सेंट लॉरेंस स्कूल (सनावर) से स्कूली शिक्षा के बाद उन्होंने लैंकेस्टर विश्वविद्यालय से बीबीए किया और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में शॉर्ट कोर्स किया।
वर्ष 2000 से ही समाजसेवा में सक्रिय भरत ने किशोरावस्था में 'लिटिल स्टार्स सोसाइटी' की स्थापना की और अपनी माता के साथ मलिन बस्तियों में शिक्षा तथा महिलाओं के व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए काम किया। 2009 में उन्होंने 'रिफॉर्म इंडिया' की स्थापना की — 21 सदस्यीय पैनल के साथ उत्तर प्रदेश और हरियाणा के गांवों में बाल श्रम, महिला सशक्तिकरण और स्व-प्रेरणा पर जागरूकता शिविर चलाए।
16 दिसंबर 2012 के निर्भया कांड के बाद उन्होंने दिल्ली में लगभग 17,000 युवाओं को आंदोलन के लिए संगठित किया — प्रदर्शन और कैंडल मार्च का नेतृत्व किया। व्यवस्था को भीतर से बदलने के संकल्प के साथ उन्होंने विदेश में मिली नौकरी और लाखों के पैकेज को छोड़कर नव युवक दल की स्थापना की।
उनके शब्दों में — दुनिया के सबसे बड़े व्यसनों में से एक है 'अच्छा करने की लत', और यही लत आज नव युवक दल की पहचान है। 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उनके नेतृत्व में 121 सीटों पर प्रत्याशी उतारे।
प्रमुख पड़ाव
- 2000
समाजसेवा की शुरुआत — लिटिल स्टार्स सोसाइटी की स्थापना
- 2009
रिफॉर्म इंडिया की स्थापना — यूपी-हरियाणा के गांवों में जागरूकता शिविर
- 2012
निर्भया आंदोलन — दिल्ली में ~17,000 युवाओं का नेतृत्व
- 2013
नव युवक दल के संविधान का निर्माण, पंजीकरण आवेदन
- 2014
भारत निर्वाचन आयोग से पार्टी का पंजीकरण (26 फरवरी)
- 2021
निःशुल्क उच्च शिक्षा अभियान — बक्शी का तालाब, लखनऊ से शुरुआत
- 2022
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव — 121 सीटों पर प्रत्याशी